Thursday, 4 November 2021

हैप्पी दीपावली

 बहुत दिनों से कुछ लिखा नहीं था, मेरा मतलब है यहाँ नहीं लिखा था, वरना टेक्निकल पेपर लिखने का प्रयास करता रहता हूँ असफलताओं के साथ। तो आज दीपावली है, जो इसे मनाते हैं प्रयास करते हैं की आज परिवार के साथ हों कुछ अच्छा समय बिताएं। जैसे दुनिया के लिए क्रिसमस है हमारे लिए दीपावली है।  शाम के साढ़े छह बज रहे हैं, मैं दुनिया से कोसों दूर एक कंप्यूटर की स्क्रीन को देख रहा हूँ , बाहर  रौशनी दिख रही है और पटाखों की आवाज़ आ रही है।  लेकिन ये सब बाहर हो रहा है।  मैं अपने परिवार से दूर एक कंप्यूटर स्क्रीन देख रहा हूँ, ऐसा करने से मेरे डिग्री लेने के संभावनाओं में इज़ाफ़ा हो रहा है।  कोरोना की क्रूरताओं के कारण ऐसा आदेश है की हम अपने परिवार से नहीं मिल सकते, यदि मिले तो एक साल के लिए इस कंप्यूटर स्क्रीन से दूर कर दिए जायेंगे।  प्रतिष्ठित संसथान हैं वो भावनाये नहीं देख सकते, उनकी अपनी मजबूरियां हैं।  खैर उनसे कोई शिकायत भी नहीं।  लेकिन बात यह है की मेरे अंदर क्या चल  रहा है।  १५ साल से घर छोड़ के दौड़ रहा हूँ , कुछ कुछ करने के लिए।  जल्दी ही ऊबने लगता हूँ , इसका मतलब है मन की नहीं कर रहा।  देखिये कब तक ऐसे ही चलेगा , शायद अंत तक।  सुबह से पीं पीं करने वाले व्हाट्सएप सन्देश अब शांत हो गएँ हैं। सब माँ लक्ष्मी का ध्यान कर रहे हैं।  मैं भी कंप्यूटर स्क्रीन पे ध्यान लगाता हूँ।  २०२१ दीपवाली मुबारक सभी को जो मेरे जैसे कंप्यूटर स्क्रीन पर बैठे हुए हैं। 


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