इतवार तुम एक बार फिर जा रहे हो
इस बार तो तुमको बारिश ने भी सराबोर कर दिया
तुम्हारी ये वाली शाम बहुत खूबसूरत थी
मै जानता हूँ कल भी ये शाम आएगी
लेकिन इतवार तुम तो न होगे
इतवार तुमको पता है
तुम पाखी की तरह हो
हाँ वही बारिश के बाद वाला कीड़ा
जिसे रौशनी पसंद होती है ,
प्रणय के लिए
लेकिन फिर तुम स्वतः खत्म हो जाते हो
प्रणय के बाद
इतवार तुम खत्म हो जाते हो स्वतः
लेकिन सिर्फ चंद ख़ुशक़िस्मतों को
तुम्हारा ख़त्म होने का बेहद इंतज़ार रहता है
उन्ही चंद ख़ुश्किमत बनने की तलाश में
मेरा ये जीवन समर्पित है।
इस बार तो तुमको बारिश ने भी सराबोर कर दिया
तुम्हारी ये वाली शाम बहुत खूबसूरत थी
मै जानता हूँ कल भी ये शाम आएगी
लेकिन इतवार तुम तो न होगे
इतवार तुमको पता है
तुम पाखी की तरह हो
हाँ वही बारिश के बाद वाला कीड़ा
जिसे रौशनी पसंद होती है ,
प्रणय के लिए
लेकिन फिर तुम स्वतः खत्म हो जाते हो
प्रणय के बाद
इतवार तुम खत्म हो जाते हो स्वतः
लेकिन सिर्फ चंद ख़ुशक़िस्मतों को
तुम्हारा ख़त्म होने का बेहद इंतज़ार रहता है
उन्ही चंद ख़ुश्किमत बनने की तलाश में
मेरा ये जीवन समर्पित है।
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