कैसे हैं गार्ड साहेब सब बढियां? काफी का मग भरते मैंने शीशे से दूर देखे एक गार्ड से पूछा।
गार्ड साहेब : ठीके है सर , चल रहा है , देख रहे थे केतना गो दूर तक दिखाई देता है इतना ऊपर से।
मैं : कोन जिला है घर ?
गार्ड साहेब :पटना है सर , आपका भी बिहार ऐ लगता है
मैं : नहीं , बनारस का रहने वाला हूँ , बिहारी भी बोल लेता हूँ। और इतना दूर आ गए घर बार छोर के , कुछ मज़ा आता है काम में ?
गार्ड साहेब : नहीं सर। असल में हम तो CRM मशीन चलाते थे जमशेदपुर में। बढियां काम था, लेकिन साला राजपूत आदमी , थोड़ा मालिक कुछ बोल दिया एक दिन , ओहजे लात मार दिए।
मैं : सोचते हुए , पुरुष में स्वाभिमान कुछ ज्यादा ही होता है। तब इधर ऐ आ गए ? कोनो फैक्ट्री में काम क्यों नहीं करते ? गार्ड गिरी में मजा आ रहा है ? IT कंपनी की कन्याओं की रक्षा करना अछा लगने लगा है आपको लगता है ( मजाक के लहजे में ) .
गार्ड साहेब : अरे सर ईगो बात बोले , ई जो बेवुटीफुल लड़की लोग है एकदम ज्यादा फैशन उसान नहीं करता है , लेकिन कुछ लड़की लोग इतना पोता रहता है , और हर १० मिनट में बहार आके फोनवा पे लागल रहता है। कितना पैसा मिलता है भइआ आप लोगो को ? और आप लोग करते का हैं , हर समय कंप्यूटर में घुसे रहते हैं ??
मैं : ( इधर उधर देखते हुए की कोई मुझे Male Chauvinist न समझ ले ) अरे गार्ड साहेब , ई जो नया लड़का लोग है उसका तनख्वाह आप ही जितना है , या थोड़ा सा ज्यादा होगा। बाद में थोड़ा बढ़ता है , विदेश गए तो और मिलता है। काम हम लोग मजदूर है , तकनिकी मजदूर , ई कंपनी ठेकेदार है , ठेका पे काम लेती है , जैसे बैंक है , उसका कंप्यूटर वाला काम ई लोग संभाला है ( इससे ज्यादा सरल नहीं समझा सकता था ) . इस तरह बहुत सारा काम ठेका पे लिया हुआ है पूरी दुनिया में। हम लोग चमकदार कपडा पहनते हैं और मजूरी करते हैं।
गार्ड साहेब : (हँसते हुए) आप भी न सर। इतना कम उम्र में कमा ले रहे हैं ठीके है।
मैं : अच्छा ये बताईये कौन जीत रहा बिहार ? नितीश या मोदी ?
गार्ड साहेब : अरे सर नितीश अच्छा काम किया रहा , लेकिन ई ललुआ से मिलके सब गड़बड़ कर दिया , माझी वाला काम भी गड़बड़ कर दिया है. अब मुश्किल हो गया है उसका। मोदी पैसा उसा दे दिया है खूब। मजा आएगा इस बार। लालू घोटाला आदमी है।
मैं : दारू पैसा तो देता ही होगा ? उस आधार पे ही वोट होगा ?
गार्ड साहेब : अरे सर , केजरीवाल जी ईगो बात बहुत बढियां बोले हैं , पैसा ले लो लेकिन वोट अपने मन से सोच के दो। बहुत बढ़िया ,आदमी है केजरीवाल। हम भी पैसा ले लेते हैं लेकिन वोट अपने मन से देंगे। नितीश और ऊ दोस्त है , लेकिन ई ललुआ सब गड़बड़ कर दिया है।
मैं : काफी खत्म हो गयी थी। बोला , आपका मन नहीं करता की अपना घर के पास काम करें ? बिहार में काम करें ? बिहार में कंपनी क्यों नहीं खुलता ? हर बोिहरी अपना घर क्यों छोरता है ? सोचे कभी ? पूछे कभी नेता लोग से ?
गार्ड साहबे : अरे जाने दीजिये , लेकिन बात आप ठीक कह रहे हैं , ई सब काम तो वहीँ पे हो सकता है। चलिए हम भी साला लात मर देंगे ई गार्ड गिरी को , जायेंगे अब अपना घर के ही पास , आपका एडमिन मैडम बहुत सुनाता है बिना मतलब का , पता नहीं उसको कितना गुरुर है , अच्छा नहीं लगता।
मैं : आराम से सोचियेगा। और यही जिंदगी है , जो होता है अच्छा ही होता है , परेशान मत होई , एक दिन लिट्टी चोखा खिलायेगा हमको , जय हिन्द।
E wali story ehaan likh diya apne? Reality plainly and beautifully portrayed.... keep it up!
ReplyDeleteE wali story ehaan likh diya apne? Reality plainly and beautifully portrayed.... keep it up!
ReplyDeleteAnkur as usual, another heart rendering story. Not only contents, but ur way of portraying it. Not for a single moment, had I skimmed !! Please keep writing. I love it.
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