Sunday, 3 September 2023

तुम और मैं - १

 तुम्हारे पास जब मैं पहली बार आया 

मैंने सोचा 

दुनिया को तुम्हारे  जैसे 

चन्दन सा महकता होना चाहिए 


पहली बार तुम्हारे हाथों को छुआ 

महसूस हुआ की 

 दुनिया को ऐसे ही नाजुक और गर्म होना चाहिए 


पहली बार जब आलिंगन किया 

पाया की 

दुनिया को ऐसे ही पिघलते रहना चाहिए 


आखिरी बार जब तुमने देखा 

महसूस किया की 

ख़त्म हो जाना चाहिए इस दुनिया को 

मेरे आँसुंओं के सैलाब में