
जाऊँगा वहाँ
बस जाऊँगा वहीं
और यहाँ
किसी के कंप्यूटर या मोबाइल पे
वॉलपेपर बन के रह जाऊँगा
मेरा नाम पड़ा रहेगा
सिनेमा के उन दो टिकटों पे
जो मैंने कार्नर में लिए थे
और मेरी गंध रहेगी तुम्हे दी हुई
पुरानी किताबों में उस मोरपंख के साथ
क्या पता मुझे याद करेगा वो साधू
मणिकर्णिका पे चिलम सुलगाते हुए
जिससे तुम दूर भागती थी
या मेरी आवाज़ें सुनाई देंगी
जब भी हवाएं गुज़रेंगी पीपल के उस पेड़ से
जिसके नीचे गंगा के सामने हमने कसमें खायीं थीं
शायद सिमट जाऊँगा उन दीयों की रौशनी में
जो तुमने ऑंखें बंद कर प्रवाहित किये मेरे लिए
और उड़ जाऊँगा उन कबूतरों के साथ गंगा के उस पार
बस जाऊँगा वहीँ रह जाऊँगा वहीँ ||