Sunday, 23 August 2015

एक मुलाकात : संतोष गार्ड साहेब के साथ :


कैसे हैं गार्ड साहेब सब बढियां? काफी का मग भरते  मैंने शीशे से दूर देखे एक गार्ड से पूछा।  

गार्ड साहेब : ठीके है सर , चल  रहा है , देख रहे थे केतना गो दूर तक दिखाई देता है इतना ऊपर से। 
मैं : कोन जिला है घर ?
गार्ड साहेब :पटना है सर , आपका भी बिहार ऐ लगता है 
मैं : नहीं , बनारस का रहने वाला हूँ ,  बिहारी भी बोल लेता हूँ।  और इतना दूर आ गए घर बार छोर के , कुछ मज़ा आता है काम में ?
गार्ड साहेब : नहीं सर।  असल में हम तो CRM  मशीन चलाते थे जमशेदपुर में। बढियां काम था, लेकिन साला राजपूत आदमी , थोड़ा मालिक कुछ  बोल दिया एक दिन , ओहजे लात मार दिए। 

मैं : सोचते हुए , पुरुष में स्वाभिमान कुछ ज्यादा ही होता है।  तब इधर ऐ आ गए ? कोनो फैक्ट्री में काम क्यों नहीं करते ? गार्ड गिरी में मजा आ रहा है ?  IT कंपनी की कन्याओं की रक्षा करना अछा लगने लगा है आपको लगता है  ( मजाक के लहजे में ) . 
गार्ड साहेब : अरे सर ईगो बात बोले , ई जो बेवुटीफुल लड़की लोग है एकदम ज्यादा फैशन उसान नहीं करता है , लेकिन कुछ लड़की लोग इतना पोता रहता है , और हर १० मिनट में बहार आके फोनवा पे लागल रहता है।  कितना पैसा मिलता है भइआ आप लोगो को ? और आप लोग करते का हैं , हर समय कंप्यूटर में घुसे रहते हैं ??

मैं : ( इधर उधर देखते हुए की कोई मुझे Male Chauvinist  न समझ ले ) अरे गार्ड साहेब , ई जो नया लड़का लोग है उसका तनख्वाह आप ही जितना है , या थोड़ा सा ज्यादा होगा।   बाद में थोड़ा बढ़ता है , विदेश गए तो और मिलता है।  काम हम लोग मजदूर है , तकनिकी मजदूर , ई कंपनी ठेकेदार है , ठेका पे काम लेती है , जैसे बैंक है , उसका कंप्यूटर वाला काम ई लोग संभाला है ( इससे ज्यादा सरल नहीं समझा सकता था ) . इस तरह बहुत सारा काम ठेका पे लिया हुआ है पूरी दुनिया में।  हम लोग चमकदार कपडा पहनते हैं और मजूरी करते हैं। 

गार्ड साहेब : (हँसते हुए) आप भी न सर।  इतना कम उम्र में कमा  ले रहे हैं ठीके है। 

मैं : अच्छा ये बताईये कौन जीत रहा बिहार ? नितीश या मोदी ?
गार्ड  साहेब : अरे सर नितीश अच्छा काम किया रहा , लेकिन ई ललुआ से मिलके सब गड़बड़ कर दिया  , माझी वाला काम भी गड़बड़ कर दिया है. अब मुश्किल हो गया है उसका।  मोदी पैसा उसा दे दिया है खूब।  मजा आएगा इस बार।  लालू घोटाला आदमी है। 

मैं : दारू पैसा तो देता ही होगा ? उस आधार पे ही वोट होगा ?

गार्ड साहेब : अरे सर , केजरीवाल जी ईगो बात बहुत बढियां बोले हैं , पैसा ले लो लेकिन  वोट अपने मन से सोच के दो।  बहुत बढ़िया ,आदमी है केजरीवाल।  हम भी पैसा ले  लेते हैं लेकिन वोट अपने मन से देंगे। नितीश और ऊ दोस्त है , लेकिन ई ललुआ सब गड़बड़ कर दिया है। 

मैं : काफी खत्म हो गयी थी।  बोला ,  आपका मन नहीं करता की अपना घर के पास काम करें ? बिहार में काम करें ? बिहार में कंपनी क्यों नहीं खुलता ? हर बोिहरी अपना घर क्यों  छोरता है ? सोचे कभी ? पूछे कभी नेता लोग से ?

गार्ड साहबे : अरे जाने दीजिये , लेकिन बात आप ठीक कह रहे हैं , ई सब काम तो वहीँ पे हो सकता है।  चलिए हम भी साला लात मर देंगे ई गार्ड गिरी को , जायेंगे अब अपना घर के ही पास , आपका एडमिन मैडम बहुत सुनाता है बिना मतलब का , पता नहीं उसको कितना गुरुर है , अच्छा नहीं लगता। 

मैं : आराम से सोचियेगा।  और यही जिंदगी है , जो होता है अच्छा ही होता है , परेशान मत होई , एक दिन लिट्टी चोखा खिलायेगा हमको , जय हिन्द।